बूंदी दिनांक 13- 9 -26 को राजस्थान बौद्ध महासभा जिला इकाई बूंदी का प्रात: 7.30 AM से 9.30 AM तक आयोजन किया गया जिसमें उपस्थित वक्ताओं द्वारा अपने-अपने विचार व्यक्त किए गए जिनके अंश निम्न है
धम्म का अर्थ ही सदा चरण है जिसका अर्थ है जीवन के सभी क्षेत्रों में एक व्यक्ति का दूसरे व्यक्ति के साथ अच्छा संबंध धम्म -है साधुता, बहुत से कल्याणकारी अच्छे कार्य करना, पाप रहित होना, मृदुता, मधुरता, दया दान , तथा शुचिता ,प्राणियों का वध न करना ,जीव हिंसा न करना , माता-पिता वह बड़ों की आज्ञा मानना, संस्कृत शब्द धर्म है जिसे पाली भाषा में धम्म कहा जाता है बौद्ध की सोच जानने के लिए तीन किताबें पढ़ना आवश्यक है(1)भगवान बुद्ध व उनका धम्म (2) बुद्ध और कार्ल मार्क्स ( 3 )भारत में क्रांति व प्रति क्रांति
संपूर्ण धम्म - शील , समाधि और प्रज्ञा में निहित है
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पंचशील (जीवन जीने की शैली ) आदि पर भी चर्चा की गई
धम्म सभा में निम्न साथियों की सहभागिता रही कन्हैयालाल मेघवाल सेवा निमृत प्रबंधक , डॉक्टर दुलीचंद वर्मा ,डॉक्टर रमेश मीणा सेवानिवृत्ति कॉलेज प्रिंसिपल ,रमेश चंद्र वर्मा " टेपन " सेवानिवृत वरिष्ठ प्रबंधक , देवीलाल मेघवाल सेवानिवृत प्रबंधक , रामगोपाल वर्मा सेवानिवृत प्रबंधक, व अध्यक्ष राजस्थान बौद्ध महासंघ जिला इकाई ,बूंदी श्रीमती राजकुमारी वर्मा, बाबूलाल धवन अध्यक्ष अजाक, राधेश्याम वर्मा सेवानिवृत
आगामी धम्म सभा का आयोजन दिनांक 20-09-26 रविवार को प्रातः 9:00 बजे से 10:00 बजे तक रामगोपाल वर्मा के स्व निवास 4B 40 जवाहर नगर बूंदी में रखा गया है कृपया समय का विशेष ध्यान रखें।